आशाओं से फिर चमकेगा,बनकर चंद्रहास... आशाऍं बन दीप जलेंगी.... आशाओं से फिर चमकेगा,बनकर चंद्रहास... आशाऍं बन दीप जलेंगी....
ना तेरा रंग न मेरा रंग है रंग हो सद्भाव का। ना तेरा रंग न मेरा रंग है रंग हो सद्भाव का।
बुद्धं शरणं गच्छामि धम्मं शरणं गच्छामि। बुद्धं शरणं गच्छामि धम्मं शरणं गच्छामि।
जब हम आप सब जिम्मेदार नागरिक हैं, तो जिम्मेदार बनकर भी दिखाइए। जब हम आप सब जिम्मेदार नागरिक हैं, तो जिम्मेदार बनकर भी दिखाइए।
अभाव प्रभाव देख, न द्वेष दुराभाव हो, सद्भाव अनेक भरे, हरा खलिहान हो। अभाव प्रभाव देख, न द्वेष दुराभाव हो, सद्भाव अनेक भरे, हरा खलिहान हो।
एकता, सद्भाव और भ्रातृत्व का, परचम हम लहराएँँ। एकता, सद्भाव और भ्रातृत्व का, परचम हम लहराएँँ।